सोना, जमीन और इक्विटी।
जैसे सोना और जमीन एक भौतिक संपत्ति है। ठीक उसी प्रकार इक्विटी भी एक संपत्ति है। संपत्ति उसी को कहा जा सकता है। जिसका खुद का मूल्य हो। जिस प्रकार सोने और जमीन का खुद का मूल्य होता है। ठीक उसी प्रकार इक्विटी यानी ओनरशिप ऑफ बिजनेस आसान सी भाषा में कहें तो शेयर के रूप में किसी बिजनेस का मालिकाना हक जिसे स्टॉक या शेयर भी कहते हैं। उसका भी अपना खुद का मूल्य होता है। जिसकी वजह से यह भी एक वित्तिय संपत्ति मानी जाती है। दुनिया में जब भी किसी अमीर व्यक्ति की धन दौलत की बात की जाती है तो उसकी धन दौलत में केवल 3 प्रकार की ही संपत्तियां गिनी जाती हैं। पहली उसके पास कितनी कीमत का सोना है। दूसरा कितनी कीमत की जायदाद है। और तीसरा कितनी कंपनियों में उसका मालिकाना हक है। यानी कितनी वैल्यू कि उसके पास इक्विटी या शेयर है। संपत्ति चाहे कोई भी हो, उस संपत्ति में किये गये निवेश की वैल्यू बाजार में उस संपत्ति के मूल्य के हिसाब से घटती बढ़ती रहती है। छोटे वक्त में किसी भी संपत्ति का मूल्य घटेगा या बढ़ेगा यह साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है। लेकिन लंबे वक्त में यह आपको बढ़ा हुआ ही मिलेगा। यह निश्...