म्यूचुअल फंड में निवेश करने से हम लोग क्यों घबराते हैं???
म्यूचुअल फंड में निवेश ना करने के हमारे पास दो ही कारण हो सकते हैं। पहला जानकारी का अभाव और दूसरा ऐसा निवेश जो हमने किसी मित्र की राय पर या खुद जानकारी जुटाकर ज्यादा रिटर्न के लालच में किया हो और उसमें हमने नुकसान खाया हो। कारण कुछ भी हो, दोनों ही बातों में एक ही चीज स्पष्ट होती है और वो हैं सही जानकारी का अभाव है
इन्वेस्टमेंट से संबंधित जानकारियां तो हमें इंटरनेट, अखबार, और टीवी से बहुत सारी मिल जाती हैं। लेकिन उनमें से हमारे लिए कौन सी जानकारी बिल्कुल सही है। इसका पता लगाना थोड़ा मुश्किल काम है।
म्यूचुअल फंड में डेट, हाइब्रिड और इक्विटी की बहुत सारी स्कीमे होती हैं और हर स्कीम का एक ऑब्जेक्ट होता है। अगर हम अपने ऑब्जेक्ट के विपरीत किसी स्कीम में निवेश करेंगे तो हमारा नुकसान होना तय है। इसलिए म्यूच्यूअल फंड में निवेश शुरू करने से पहले अपने ऑब्जेक्ट को ध्यान में रखते हुए किसी ऐसी स्कीम को चुनना चाहिए जिसका ऑब्जेक्ट हमारे ऑब्जेक्ट से बिल्कुल मेल खाता हो, अगर हम इस बात को ध्यान में रखकर म्यूचल फंड की किसी भी स्कीम में निवेश करेंगे तो न सिर्फ हम नुकसान से बचेंगे बल्कि निवेश के जो परंपरागत विकल्प हैं जैसे आरडी, एफडी, एलआईसी, पीपीएफ के रिटर्न से 5 से 7% ज्यादा रिटर्न मिलेगा।
इन्वेस्टमेंट से संबंधित जानकारियां तो हमें इंटरनेट, अखबार, और टीवी से बहुत सारी मिल जाती हैं। लेकिन उनमें से हमारे लिए कौन सी जानकारी बिल्कुल सही है। इसका पता लगाना थोड़ा मुश्किल काम है।
म्यूचुअल फंड में डेट, हाइब्रिड और इक्विटी की बहुत सारी स्कीमे होती हैं और हर स्कीम का एक ऑब्जेक्ट होता है। अगर हम अपने ऑब्जेक्ट के विपरीत किसी स्कीम में निवेश करेंगे तो हमारा नुकसान होना तय है। इसलिए म्यूच्यूअल फंड में निवेश शुरू करने से पहले अपने ऑब्जेक्ट को ध्यान में रखते हुए किसी ऐसी स्कीम को चुनना चाहिए जिसका ऑब्जेक्ट हमारे ऑब्जेक्ट से बिल्कुल मेल खाता हो, अगर हम इस बात को ध्यान में रखकर म्यूचल फंड की किसी भी स्कीम में निवेश करेंगे तो न सिर्फ हम नुकसान से बचेंगे बल्कि निवेश के जो परंपरागत विकल्प हैं जैसे आरडी, एफडी, एलआईसी, पीपीएफ के रिटर्न से 5 से 7% ज्यादा रिटर्न मिलेगा।
म्यूच्यूअल फंड केवल एक प्लेन रोड(इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म) है। और इस रोड पर निवेश के अनेक साधन(व्हीकल) मौजूद है। हर साधन(व्हीकल) का एक निश्चित स्टेशन(रिटर्न) है। हमें जिस स्टेशन पर जाना है। यानी जितना रिटर्न हमें चाहिए, उसके लिए हम सही साधन(व्हीकल) में सवार हो, यानी हमने अपनी जोखिम क्षमता को देखकर खुद यह तय करना है, कि हमें कितने प्रतिशत का रिटर्न चाहिए 8% 10% 12% 15% या 20%। और इसके लिए कौन सी स्कीम उपयुक्त होगी और उस रिटर्न को प्राप्त करने के लिए हमें अपने निवेश को कितना वक्त देना पड़ेगा।
सबसे अच्छा तो यही रहेगा कि आप किसी अच्छे म्युचुअल फंड एडवाइजर की सलाह लें। क्योंकि एक अच्छा म्यूच्यूअल फंड एडवाइजर आपको कभी भी रिटर्न का लालच दिखाकर निवेश नहीं करवाता है। बल्कि वह हमेशा सबसे पहले आपकी रिस्क प्रोफाइल को देखता है। यानी आपके जोखिम लेने की क्षमता को देखता है। आपके ऑब्जेक्ट्स को देखता है। आपके लिए गोल तय करता है। उसके बाद वह आपको किसी स्कीम में इन्वेस्ट करने के लिए कहता है।
SIP कैसे शुरू करें, कौन से फंड से शुरू करें, कितने समय के लिए करें, SIP शुरू करते वक़्त किन-किन बातों का ध्यान रखें, गोल बेस्ड (बच्चों की एजुकेशन, मैरिज, टैक्स सेविंग, ख़ुद की रिटायमेंट, ड्रीम कार या ड्रीम होम खरीदने के लिए) SIP कैसे शुरू करें। इन सब की जानकारी के लिये आप हमें कभी भी कॉल या व्हाट्सएप कर सकते है।
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