लंबी अवधि में बैंक में जमा पैसे की अपेक्षा म्यूचल फंड मे निवेश किया गया पैसा ज्यादा तेजी क्यों से बढ़ता है???
जब हम म्यूच्यूअल फंड में किसी लक्ष्य यानी जरूरत को पूरा करने के लिए खाता खुलवाते हैं तो इससे कई सारी बातें स्पष्ट हो जाती हैं जैसे किस जरूरत के लिए कितना पैसा चाहिएगा।कितने वक्त के बाद चाहिएगा। और उसके लिए हर महीने कितने पैसों की बचत करनी होगी।
अक्सर हम लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बचत तो करते हैं लेकिन उस बचत को बैंक की आरडी एफडी या किसी इंश्योरेंस स्कीम में जमा कर देते हैं।
आप अपने निजी जीवन में झांक कर देखें क्या आप रोजमर्रा के जीवन में कहीं आने जाने के लिए एक ही प्रकार के साधन का इस्तेमाल करते हैं। नहीं, क्योंकि साधन तो बहुत सारे हैं लेकिन हम उनका इस्तेमाल आने जाने की दूरी और लगने वाले समय के हिसाब से करते हैं ऐसा बिल्कुल नहीं है कि घर से 1 या 2 किलोमीटर जाने के लिए अगर हम मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते हैं तो क्या कहीं दूर 200 , 300 किलोमीटर जाने के लिए भी हम मोटरसाइकिल का ही इस्तेमाल करेंगे कदापि नहीं, उसके लिए हम अपनी सहूलियत के हिसाब से ट्रेन, कार या फिर बस का इस्तेमाल करेंगे।
फिर हम तमाम उम्र अपने पैसे को बैंक में ही क्यों जमा रखते हैं। जबकि हमें अपने पैसे को जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग जगह पर निवेश करना चाहिए। यानी जिन जरूरतों के लिए हमें पैसा दो या तीन साल बाद चाहिए उसको हमें बैंक में रखना चाहिए और जिन जरूरतों के लिए पैसा 5 साल बाद 10 साल बाद या 15 साल बाद चाहिए उसको मम्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम या हाइब्रिड स्कीम्स में निवेश करना चाहिए।
अगर हम लंबी अवधि के लिए बैंक में पैसा रखते हैं तब भी 6 से 7% का ब्याज मिलेगा और यदि दो चार साल के लिए रखेंगे तब भी 6 से 7% का ही ब्याज मिलेगा। इसके विपरीत अगर हम लंबी अवधि के लिए म्यूचल फंड की इक्विटी स्कीम्स में पैसे को रखेंगे तो हमें 12 से 15% का ब्याज(रिटर्न) बड़े ही आराम से मिल जाता है।
यानी लंबी अवधि में बैंक में जमा पैसे की अपेक्षा म्यूचल फंड मे निवेश किया गया पैसा ज्यादा तेजी से बढ़ता है।
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