क्या होता हैं इक्विटी सेविंग्स फंड???
इक्विटी सेविंग्स फंड-
लंबी अवधी की एफडी (1 साल या ज़्यादा) के मुकाबले एक मुश्त निवेश के लिए उपयुक्त।
मौजूदा दौर में निवेशकों के लिए निवेश का सही साधन ढूंढना बेहद मुश्किल है, खासतौर पर तब जब एक ही बार में एकमुश्त रकम का निवेश करना हो। जहां एक तरफ बैंक एफडी पर ब्याज दरें अपने सबसे निचले स्तरों पर चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ शेयर बाज़ार हर रोज़ नई उंचाई को छू रहा है।
निवेशकों की इसी दुविधा को दूर करने के लिए म्यूचुअल फंड्स ने इक्विटी सेविंग्स फंड्स की शुरूआत की है।
क्या हैं इक्विटी सेविंग्स फंड्स??
इक्विटी सेविंग्स फंड्स शेयर बाज़ार यानी इक्विटी, आर्बिटराज और डेट सिक्योरिटीज़ में संतुलित निवेश करते हैं। आमतौर पर फंड का 20 से 40 फीसदी हिस्सा इक्विटी में, 30 से 45 फीसदी आर्बिटराज में और 35 फीसदी तक निवेश डेट सिक्टोरिटीज़ में करते हैं। एक तरफ जहां आर्बिटराज और डेट में किया गया निवेश स्थिर रिटर्न सुनिश्चित करता है, वहीं इक्विटी यानी शेयर बाज़ार में किया गया निवेश बेहतर रिटर्न का आधार बनता है। इन फंड्स की खासियत है कि फंड मैनेजर्स के पास बाज़ार की स्थिती को देखते हुए निवेश का अंदाज़ बदलने की आज़ादी रहती है – मसलन शेयर बाज़ार में गिरावट की सूरत में वो शेयर बाज़ार में निवेश बढ़ा सकते हैं।
इक्विटी सेविंग्स फंड्स के फायदे
स्थिर रिटर्न – चूंकी इक्विटी सेविंग्स फंड्स इक्विटी में सीमित निवेश करते हैं इसलिए ये फंड्स शेयर बाज़ार के उतार चढ़ाव से काफी हद तक बचे रहते हैं।
इक्विटी में कम निवेश होने की वजह से शेयर बाज़ार में बड़ी गिरावट का इन फंड्स पर खास असर नहीं पड़ता।
टैक्स बचत – इक्विटी सेविंग्स फंड्स से होने वाली कमाई यानी डिविडेंड्स 100% टैक्स फ्री हैं। एक साल तक होल्ड करने पर मिलने वाले कैपिटल गेन्स भी पूरी तरह टैक्स फ्री हैं।
कैसे करें इक्विटी सेविंग्स फंड्स में निवेश
These funds can be used for lump-sum investments of more than one-year horizon. For shorter horizon or if regular cash flows are required, then one should choose the dividend option. Otherwise, Growth options should be selected to take benefit of compounding.
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