सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी (SIP) की पूरी जानकारी।
सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान कैसे शुरू करें?
सबसे पहले अपने निवेश के नज़रिये को देखते हुए म्यूचुअल फंड चुनना होगा। बाज़ार में मोटे तौर पर चार तरह के म्यूचुअल फंड्स मौजूद हैं – इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, गोल्ड फंड और हाइब्रिड फंड्स। अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और रिटर्न के पैमाने के आधार पर कोई भी फंड चुन सकते हैं। अगर आपको बढ़िया रिटर्न चाहिए तो आप इक्विटी फंड चुन सकते हैं, वहीं अगर आप चाहते हैं कि रिटर्न भले ही कम हो लेकिन पूंजी एकदम सुरक्षित रहनी चाहिए, तो आप डेट फंड चुन सकते हैं जो बेहद कम जोखिम वाले इंस्ट्रुमेंट्स जैसे सरकारी बॉन्ड्स, कॉर्पोरेट डिपॉज़िट आदि में निवेश करते हैं।
एसआईपी में निवेश से वित्तीय अनुशासन आता है।
इसमें निवेश करना बेहद आसान है क्योंकि आपके एक बार निर्देश देने के बाद हर महीने आपके बैंक खाते से पैसे खुद ब खुद म्यूचुअल फंड खरीद के लिए ट्रांसफर हो जाएंगे।
एसआईपी छोटी रकम से शुरू हो सकती है इसलिए आप बिना किसी वित्तीय बोझ के इसे लंबे समय तक चला सकते हैं। जितनी लंबी अवधी तक निवेश करेंगे, कम्पाउंडिंग इफेक्ट की वजह से आपको उतनी बढ़िया रिटर्न मिलेगी।
एक तय रकम के निवेश करते रहने की वजह से बाज़ार गिरने की सूरत में आपके खाते में ज़्यादा युनिट्स खरीदी जाएंगी। इससे आप बाज़ार के उतार चढ़ाव से बचते हुए रुपी कॉस्ट ऐवरेजिंग का फायदा उठा कर औसत भाव पर निवेश कर सकेंगे।
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