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Showing posts from January, 2024

रामायण से दस फाइनेंशल लेसन।

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1. अपना जीवन सुरक्षित करें।  आप लक्ष्मण नहीं हैं, और आपके लिए संजीवनी लाने वाला कोई हनुमान भी नहीं हैं.... इसलिए स्वास्थ्य और जीवन बीमा जरूर करवाये। 2. अपना बजट निर्धारित करें।  अपने वित्तीय बजट की "लक्ष्मण रेखा" निर्धारित करें और सुनिश्चित करें कि इसे पार न करें।  जरूरत और चाहत के बीच अंतर समझें.... आर्थिक रूप से अनुशासित रहें।   3. इमरजेंसी के लिए अलग से पैसों का इंतजाम रखें।  अप्रत्याशित रूप से, भगवान राम को 14 साल के लिए 'वनवास' भेज दिया गया और उन्हें अपना आलीशान महल छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।  हर कोई जीवनशैली में ऐसे अचानक बदलाव के साथ नहीं रह सकता। अप्रत्याशित परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त इमरजेंसी फंड रखें।  4. धैर्य रखें/ लंबा सोचें।  'वनवास' के 14 वर्षों के दौरान, भगवान राम को देवी सीता के अपहरण सहित कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा।  भगवान राम ने शॉर्टकट चुनने के बजाय धैर्यपूर्वक स्थिति अनुकूल होने तक इंतजार किया। लंबी अवधि के लिए निवेशित रहें, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। 5. सलाहकार/ एडवाइजर को बुद्धिमानी स...

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने वालों के लिए 5 महत्वपूर्ण प्रश्नों के जवाब।

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1. मुझे कितना निवेश करना चाहिए? पहले अपने लक्ष्य की पहचान करें , यह आपको प्रत्येक लक्ष्य (financial goal) प्राप्ति के लिए निवेश करने सम्बंधित आवश्यक राशि का निर्धारण करने में आपकी सहायता करेगा। 2. क्या मुझे इक्विटी या डेट योजनाओं में निवेश करना चाहिए? यह मुख्य रूप से आपके निवेश उद्देश्य , निवेश अवधि और रिस्क प्रोफाइल पर निर्भर करता है। यदि आप कम समय के लिए निवेश कर रहे हैं, तो डेट योजनाएं आपके लिए आदर्श हैं। हालांकि, यदि आपके पास दीर्घकालिक (long term) वित्तीय लक्ष्य है जिसे पांच साल या उससे भी अधिक समय बाद पूरा करने की आवश्यकता है, तो आप इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश कर सकते हैं क्योंकि इनके पास अन्य ऐसेट क्लास की तुलना में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता है। 3. म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि क्या है? म्यूचुअल फंड में आप न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह से निवेश शुरू कर सकते हैं। 4. अगर मैं प्रति माह 100 रुपये से शुरू करता हूं, तो क्या मैं अपनी इनकम बढ़ने के साथ-साथ अपना निवेश भी बढ़ा सकता हूं? हाँ, एक म्यूचुअल फंड योजना में आप एक ही फंड में अत...

NFO क्या है? क्या हमे NFO मे निवेश करना चाहिए?

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NFO क्या है? क्या हमे NFO मे निवेश करना चाहिए? NFO मतलब न्यू फंड ऑफर, जैसे कोई कंपनी अपने इक्विटी का इश्यू लेके आती है, तो उसे IPO बोलते है। इनिशियल पब्लिक ऑफर वैसे ही जब कोई म्यूच्यूल फंड नये फंड की ऑफर लेके आता है, तो उसे NFO बोलते है। NFO मे निवेश करना चाहिए के नहीं, ये बहुत सारी बातो पर निर्भर करता है, जैसे की करंट मार्केट पोजीशन, फंड मैनेजर, फंड मेनेजर का पिछली स्कीमो का परफर्मेन्स, फंड हाउस का इन्वेस्टमेंट का तरीका और सबसे अहम इन्वेस्टर की जरूरत। अभी जो भी फंड चल रहे है, वे कभी ना कभी NFO के स्वरूप मे ही आये थे। NFO मे यूनिट्स 10 रुपये मे मिलता है क्या ये सही है? हा, बिल्कुल मगर 10 का मतलब ये नहीं की इससे आपको अतिरिक्त फायदा मिलेगा। क्योंकि आप जो इन्वेस्टमेंट करते है, वो फंड मेनेजर मार्केट मे ही इन्वेस्ट करेंगे, तो उस मे NAV 10/- हो या 500/- कोई फर्क नहीं पड़ता। तो फिर NFO मे क्यो इन्वेस्ट करे? NFO मे अगर आप हाई मार्केट मे इन्वेस्ट करते है, तो फंड मेनेजर के पास 6 महीने का समय रहता जिसमे वो धीरे धीरे फंड का इन्वेस्टमेंट करेंगे। इससे हाई मार्केट मे पूरे पैसे एकसाथ इन्वेस...

डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स और उनसे टैक्स पर असर की पूरी जानकारी।

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जैसा की नाम से ही साफ है, डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स ऐसे म्यूचुअल फंड्स होते हैं जो डायनैमिक होते हैं यानी परिवर्तनशीन होते हैं। जहां एक तरफ बाकी म्यूचुअल फंड पहले से तय किए गए अनुपात के हिसाब से ईक्विटी बाज़ार और डेट बाज़ार में निवेश करते हैं, वहीं डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स प्रमुख वित्तीय सूचकों जैसे प्राइस अर्निंग रेश्यो यानी पीई के आधार पर इक्विटी, इक्विटी से जुड़े डेरिवेटिव्स औऱ डेट में निवेश करते हैं। क्यों करना चाहिए डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स में निवेश? सुरक्षित और लचीले होने के साथ साथ डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स अपने निवेश में बेहद सावधानी बरतते हैं। यही वजह है कि इनमें रिटर्न भले ही कम मिले लेकिन वो सुरक्षित होता है। शेयर बाज़ार चढ़ने की सूरत में ये फंड्स मुनाफा वसूली कर लेते हैं और डेट बाज़ार में निवेश बढ़ा देते हैं। इससे रिटर्न कम ज़रूर हो सकती है, लेकिन इसमें जोखिम नहीं रहता। डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स भारी भरकम रिटर्न के लिए नहीं है। बल्की इन फंड्स को कम खतरे वाले सुरक्षित निवेश का ज़रिया माना जाता है। सही रिटर्न के लिए डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स में...

जाने राष्ट्रीय पेंशन योजना यानी (NPS) के बारे में।

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राष्ट्रीय पेंशन योजना केंद्र सरकार द्वारा एक सामाजिक सुरक्षा पहल है। यह पेंशन कार्यक्रम सशस्त्र बलों के कर्मचारियों को छोड़कर सार्वजनिक, निजी और यहां तक ​​कि असंगठित क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए खुला है। यह योजना लोगों को उनके रोजगार के दौरान नियमित अंतराल पर पेंशन खाते में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती है। सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद, ग्राहक कॉर्पस का एक निश्चित प्रतिशत निकाल सकते हैं। एक एनपीएस खाताधारक के रूप में, आपको शेष राशि आपकी सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद मासिक पेंशन के रूप में प्राप्त होगी। इससे पहले, इस योजना में केवल केंद्र सरकार के कर्मचारी शामिल थे। अब, हालांकि, पीएफआरडीए ने स्वैच्छिक आधार पर सभी भारतीय नागरिकों के लिए इसे खोल दिया है। निजी क्षेत्र में काम करने वाले और सेवानिवृत्ति  (Retirement) के बाद नियमित पेंशन की आवश्यकता वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एनपीएस का बहुत महत्व है। एनपीएस में किसे निवेश करना चाहिए? एनपीएस उन लोगों के लिए एक अच्छी योजना है जो अपनी सेवानिवृत्ति (retirement) की योजना जल्दी बनाना चाहते हैं। आपकी सेवानिवृत्ति (...

रिटायरमेंट के बाद भी सुखमय कटेगा जीवन, जाने कोनसे निवेश विकल्प आपके लिए है बेहतर???

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हाल के समय में जो जीवनशैली आप जी रहे हैं और चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद लाइफस्टाइल में कोई कमी न आए इसके लिए आपको भविष्य की खर्चों की गणना बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखकर करनी चाहिए। मसलन, आज आपका महीने का खर्च 10,000 रुपये है और महंगाई दर सालाना पांच फीसद मान कर चलें तो 30 साल बाद आपका मासिक खर्च 40,000 रुपये होगा। ऐसे में आप किसमें और किस तरह से निवेश करेंगे कि रिटायरमेंट के बाद आपकी जीवनशैली भी ठीक ढंग से चले और रिटायर होने के बाद ब्याज भी मिलता रहे। इक्विटी लंबी अवधि में महंगाई को मात देते हुए अन्य एसेट क्लास की तुलना में ज्यादा रिटर्न देने वाला निवेश विकल्प है। इक्विटी में निवेश का सबसे बेहतर जरिया म्यूचुअल फंड है। लेकिन सबसे पहले यह देखना चाहिए मौजूदा लाइफस्टाइल को रिटायरमेंट के बाद बनाए रखने में कितने पैसों की जरूरत होगी, हाल-फिलहाल में आपकी बचत क्या है, आप कितना जोखिम उठा सकते हैं और रिटायरमेंट में कितने साल बचे हैं। दरअसल, म्यूचुअल फंड रिटायरमेंट कोष बनाने का बेहतर जरिया है। ऐसे में इक्विटी म्यूचुअल फंडों के साथ-साथ डेट जैसे पीपीएफ, गोल्ड आदि को लाकर रिटायरमेंट ...