डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स और उनसे टैक्स पर असर की पूरी जानकारी।

जैसा की नाम से ही साफ है, डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स ऐसे म्यूचुअल फंड्स होते हैं जो डायनैमिक होते हैं यानी परिवर्तनशीन होते हैं। जहां एक तरफ बाकी म्यूचुअल फंड पहले से तय किए गए अनुपात के हिसाब से ईक्विटी बाज़ार और डेट बाज़ार में निवेश करते हैं, वहीं डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स प्रमुख वित्तीय सूचकों जैसे प्राइस अर्निंग रेश्यो यानी पीई के आधार पर इक्विटी, इक्विटी से जुड़े डेरिवेटिव्स औऱ डेट में निवेश करते हैं।

क्यों करना चाहिए डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स में निवेश?

सुरक्षित और लचीले होने के साथ साथ डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स अपने निवेश में बेहद सावधानी बरतते हैं। यही वजह है कि इनमें रिटर्न भले ही कम मिले लेकिन वो सुरक्षित होता है। शेयर बाज़ार चढ़ने की सूरत में ये फंड्स मुनाफा वसूली कर लेते हैं और डेट बाज़ार में निवेश बढ़ा देते हैं। इससे रिटर्न कम ज़रूर हो सकती है, लेकिन इसमें जोखिम नहीं रहता।
डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स भारी भरकम रिटर्न के लिए नहीं है। बल्की इन फंड्स को कम खतरे वाले सुरक्षित निवेश का ज़रिया माना जाता है।
सही रिटर्न के लिए डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स में 2 से 3 साल के लिए निवेश किया जाना चाहिए। निवेश का नज़रिया कम से कम एक साल तो होना ही चाहिए।

कैसे काम करते हैं डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स ?

किसी ने सही कहा है कि गिरावट से बचकर चलना ही एक कामयाब निवेशक की पहचान है। बस, डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स इस मंत्र पर काम करते हैं।

डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स का एक से ज़्यादा असेट में निवेश करने का मुख्य उद्देश्य ही रिस्क को कम करना है। ये फंड्स शेयर बाज़ार में तेज़ी आने पर मुनाफावसूली कर लेते हैं और फिर इस रकम को बेहद सुरक्षित डेट या हेज डेरिवेटिव्स में निवेश कर देते हैं। इससे शेयर बाज़ार में तेज़ी के समय रिटर्न्स कम रहती हैं लेकिन बाज़ार में तेज़ी का दौर खत्म होने पर ये फंड्स बढ़िया रिटर्न्स देते हैं। आइये एक आसान मिसाल से इसे समझते हैं:

मान लीजिए एक डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड ने अपनी रकम का 40% हिस्सा शेयर बाज़ार यानी इक्विटी में लगाया है, 20% डेट में और 30% इक्विटी से जुड़े डेरिवेटिव्स में लगा रखा है। बाकी का 10% उसके पार नगद पूंजी के रूप में मौजूद है। शेयर बाज़ार के उंचाई को छूने पर ये फंड्स इक्विटी में अपना निवेश घटा कर करीब 20% तक कर देंगे औऱ सुरक्षित डेट बाज़ार में अपना निवेश बढ़ा देंगे। अब जब भी शेयर बाज़ार में गिरावट शुरू होगी, ये फंड्स फिर से डेट से पैसा निकाल कर इक्विटी में निवेश बढ़ाना शुरू कर देंगे।

ऐसा क्यों किया जाता है?
डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स किसी एक फंड मैनेजर के फैसले के मुताबिक नहीं बल्की शेयर बाज़ार को बारीकी से समझ कर बनाए नियमों के मुताबिक निवेश करते हैं। ये फंड “मंदी में खरीदने और तेज़ी में बेचने” के फॉर्मूले पर काम करते हैं। इनका एकमात्र लक्ष्य होता है रिस्क को घटा कर ज़्यादा से ज़्यादा रिटर्न दिलाना।

डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स और इनका टैक्स पर असर
डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स इसलिए भी और आकर्षक बन जाते हैं क्योंकि इनसे मिलने वाली रिटर्न काफी हद तक टैक्स फ्री है। इन फंड्स से मिलने वाला डिविडेंड और 1 साल बाद मिलने वाले कैपिटल गेन्स पूरी तरह से टैक्स फ्री हैं। यहां तक की छोटी अवधी की रिट्रर्नस पर भी सिर्फ 15% टैक्स लगता है। टैक्स की ये दर बैंक एफडी या बाकी डेट फंड्स से कम है।

डायनैमिक असेट एलोकेशन फंड्स उन निवेशकों के लिए जो लंबी अवधी का निवेश करना चाहते हैं लेकिन जोखिम नहीं लेना चाहते। ये फंड्स आपको बैंक एफडी से बेहतर रिटर्न देंगे।

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