आपकी बेटी के फ्यूचर के लिए क्या होगा बेस्ट, सुकन्या समृद्धि योजना या एसआईपी? जानें पूरी डिटेल्स

जो निवेशक रिस्क से बचना चाहते हैं और बेटी के लिए की गई इन्वेस्टमेंट पर गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना एक सुरक्षित विकल्प है। वहीं, जो निवेशक लंबे समय तक निवेश करने और बेहतर रिटर्न की संभावना के लिए तैयार हैं, तो एसआईपी आपके लिए बेहतर हो सकता हैं।

बेटी के भविष्य के लिए वित्तीय योजना बनाना हर माता-पिता की प्राथमिकता होती है। इसमें दो प्रमुख निवेश विकल्प सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) सबसे अधिक चर्चा में रहते हैं। इन दोनों योजनाओं के अपने फायदे और सीमाएं हैं। आइए इनकी तुलना करें और जानें कि आपकी बेटी के भविष्य के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार की ओर से शुरू की गई एक बचत योजना है। यह विशेष रूप से बेटियों का भविष्य संवारने के लिए डिजाइन की गई है।

सुकन्या समृद्धि योजना की खासियत

ब्याज दर: वर्तमान में SSY पर लगभग 8.20% वार्षिक ब्याज मिलता है, जो अन्य बचत योजनाओं की तुलना में अधिक हैं।

कर लाभ: इसमें निवेश और मैच्योरिटी राशि, दोनों ही पूरी तरह से टैक्स-फ्री हैं।

निवेश सीमा: न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष निवेश किया जा सकता है।

लॉक-इन पीरियड: खाता बेटी के 21 साल की उम्र में मैच्योर होता है, हालांकि शादी के समय आंशिक निकासी की अनुमति है।

सुकन्या समृद्धि योजना के फायदे

रिस्क फ्री निवेश: यह पूरी तरह से सरकारी गारंटी वाली योजना है।

लंबी अवधि की योजना: यह बेटी की उच्च शिक्षा या शादी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने में मदद करती है।

सुकन्या समृद्धि योजना की सीमाएं

लिक्विडिटी की कमी: जरूरत पड़ने पर आंशिक निकासी की सीमित अनुमति है।

कम रिटर्न की संभावना: जब लंबी अवधि में महंगाई दर अधिक होती है, तो इसका रिटर्न SIP से कम हो सकता है।

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)

SIP एक ऐसा तरीका है, जिसमें म्यूचुअल फंड में नियमित अंतराल पर एक निश्चित राशि निवेश की जाती है। यह नियमित अन्तराल मासिक, त्रिमासिक, छमाही या सलाना कुछ भी हो सकता हैं।

SIP की मुख्य विशेषताएं

रिटर्न की संभावना: ऐतिहासिक रूप से म्यूचुअल फंड ने 12-15% तक का वार्षिक रिटर्न दिया है।

लचीलापन: निवेश की राशि और अवधि तय करना निवेशक के हाथ में है.

लिक्विडिटी: SIP में निवेश को जरूरत पड़ने पर कभी भी भुनाया जा सकता है।

SIP के फायदे

महंगाई को मात देने की क्षमता: SIP दीर्घकालिक निवेश में महंगाई से ऊपर रिटर्न देने की संभावना रखता है।

लचीलापन: इसमें आप अपनी जरूरत और वित्तीय लक्ष्य के अनुसार निवेश बढ़ा या घटा सकते हैं।

SIP की सीमाएं

बाजार जोखिम: रिटर्न बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।

रिटर्न की गारंटी नहीं: इसमें फिक्स्ड रिटर्न की गारंटी नहीं होती। लेकिन ऐतिहासिक रूप से म्यूचुअल फंड ने 12-15% तक का वार्षिक रिटर्न दिया है।

घर बैठे म्युचुअल फंड में SIP या एकमुश्त निवेश (लम्पसम) कैसे शुरू करें, कौन से फंड से शुरू करें, कितने समय के लिए करें, SIP शुरू करते वक़्त किन-किन बातों का ध्यान रखें, गोल बेस्ड SIP (बच्चों की मैरिज-एजुकेशन, टैक्स सेविंग, ख़ुद की रिटायमेंट, वैल्थ क्रियेशन, ड्रीम कार या ड्रीम होम खरीदने के लिए) कैसे शुरू करें। इन सब की जानकारी के लिये आप हमें कभी भी कॉल या व्हाट्सएप कर सकते है।

Contact details:-
RAM KARAN | ARN-165158
[AMFI-Registered Mutual Fund Distributor & Nivesh Partner]
Ladwa-Haryana, India
Mob.7082860360, 9992378438

Follow us on :-

Disclaimer: Mutual Fund investment are subject to market risk, please read all scheme related documents carefully.

Comments