FD से रोमांस लेकिन शादी SIP से!
आज के लेख में हम एक उदाहरण समझेंगे कि कैसे निवेश में रिटर्न का छोटा सा अंतर भी लम्बी अवधि में बहुत बड़ा फर्क डालता हैं।
कल्पना कीजिए कि आप और आपका दोस्त पैदल यात्रा पर कही जा रहे हैं। उस यात्रा में आप 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आगे बढ़ रहे हैं और आपका दोस्त 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है।
6 मिनट की यात्रा के बाद आप, अपने दोस्त से सिर्फ़ 100 मीटर (1 किलोमीटर का 10वां हिस्सा) पीछे रह जाते हैं, जो बहुत ज़्यादा मायने नहीं रखता। आप सचमुच एक-दूसरे को देख सकते हैं।
एक घंटे के बाद आप दोनो एक दूसरे से 1 किलोमीटर दूर रह जाते हैं। आप अब एक-दूसरे को देख नहीं सकते, लेकिन फिर भी आप एक-दूसरे से ज्यादा दूर नहीं हैं। अगर आप चाहें तो आसानी से एक-दूसरे से मिल सकते हैं।
लेकिन 10 घंटे की पैदल यात्रा के बाद आप दोनो एक दूसरे से 10 किलोमीटर दूर रह जाते हैं और 100 घंटे के बाद आप 100 किलोमीटर दूर रह जाते हैं।
अब आप दोनो दो अलग-अलग शहरों में हैं। एक-दूसरे से मिलना बहुत दूर है। शायद आपको फ़ोन पर बात करनी पड़े।
आइये अब इसी बात को निवेश पर लागू करके देखते हैं:
इसी तरह 6% सालाना की फिक्स डिपॉज़िट में निवेश करना या 10-15% सालाना की म्यूच्यूअल फ़ंड में निवेश करना, 1 साल की अवधि के लिए या फिर 2 साल की अवधि के लिए निवेश करने पर, निवेश में बहुत ज़्यादा फ़र्क नहीं डालता।
हालांकि, अगर आप 10 साल से 15 साल की अवधि के लिए निवेश करते हैं, तो FD के रिटर्न से अधिक 4-9% के रिटर्न का अंतर भी आपके निवेश की ग्रोथ में लगभग 100-200% फ़र्क डाल देगा।
उम्मीद है कि इससे यह स्पष्ट हो गया होगा कि लंबी अवधि में रिटर्न में 4-9% का अंतर भी क्यों नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है और इसके अलावा इक्विटी म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट की बजाय निवेश के लिए अधिक उपयुक्त एसेट क्यों है।
Comments
Post a Comment