2025 के लिये मैं और मेरे दोस्त के बीच निवेश पर बातचीत के कुछ अंश......
सुबह-सुबह एक दोसत का फ़ोन आता है…
दोसत: भाई साहब, नया साल मुबारक हो! इस साल 2025 के लिए तुम्हारा निवेश में क्या नया संकल्प है?
मैं: वही जो हर साल होता है—निवेश करता हूँ और करता रहूँगा।
दोसत: लेकिन 2025 में क्या होगा? बाज़ार कैसा रहेगा, इकॉनमी कैसी चलेगी? बजट में क्या बदलेगा?
मैं: सच कहूँ तो, ये सब जानने की कोशिश नहीं करता, क्योंकि मैं त्रिकालदर्शी नहीं हूँ।
✅ बाज़ार में उतार-चढ़ाव, इकॉनमी की स्थिति, या टैक्स के बदलाव—ये सब मेरे नियंत्रण में नहीं हैं।
और जो मेरे नियंत्रण में नहीं है, उस पर चिंता कर के समय और ऊर्जा क्यों बर्बाद करूँ?
दोसत: लेकिन ये सब तो निवेश को प्रभावित करते हैं। क्या ये मायने नहीं रखता?
मैं: यही तो निवेश का असली मंत्र है!
✅ निवेश का मकसद यही है कि चाहे इकॉनमी में कुछ भी हो, आपके लक्ष्य पूरे हों। निवेश ऐसा हो, जो हर स्थिति का सामना कर सके।
दोसत: तो फिर तुम किन बातों पर ध्यान देते हो?
मैं: मेरा ध्यान इन बातों पर रहता है:
1. सही दिशा:–
✅ गलतियाँ न करूँ, इसलिए सलाहकार से सलाह लेता हूँ। सही करने से पहले ये सुनिश्चित करता हूँ कि ग़लत न हो।
✅ बाज़ार में गिरावट के दौरान मेरे मन की शांति भी डिस्टर्ब होती हैं, इसलिए अपने मन को नियंत्रित रखना ज़रूरी है। जोकि बिना सलाहकार के संभव नहीहै।
✅ सही एसेट एलोकेशन पर काम करता हूँ।
✅ समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा और सुधार करता हूँ।
2. अनुशासन और धैर्य:–
✅नियमित रूप से निवेश करता हूँ, चाहे बाज़ार ऊपर जाए या नीचे।
✅ जल्दबाजी में फैसले लेने से बचता हूँ और लंबी अवधि के लिए निवेश करता हूं औऱ धैर्य रखता हूँ।
दोसत: लेकिन जो लोग बाज़ार और इकॉनमी का आकलन करते हैं, वे ज़्यादा रिटर्न कमा लेते हैं। क्या तुम कभी दूसरों के पोर्टफोलियो से तुलना नहीं करते?
मैं: बिल्कुल नहीं।
✅ जो लोग बाज़ार में क्या होगा यह जानने की कोशिश करते हैं, वे केवल अनुमान लगाते हैं। कभी सही होते हैं, कभी ग़लत। लेकिन अंत में नतीजा वही ढाक के तीन पात।
✅ दूसरों के पोर्टफोलियो के रिटर्न से विचलित होना बेकार है। मेरा पोर्टफोलियो मेरे सपनों को पूरा करने के लिए है, न कि दूसरों से बेहतर दिखने के लिए।
✅ मेरी प्रतिस्पर्धा बाज़ार से नहीं, बल्कि खुद से है। मैं खुद को बेहतर बना सकता हूँ, बाज़ार को नहीं।
दोसत: अच्छा, लेकिन निवेश को बेहतर करने के लिए और क्या करते हो?
3. समझ और व्यवहार:–
✅ केवल ज्ञान होना काफी नहीं है, समझ ज़रूरी है। और समझ आपके व्यवहार पर निर्भर करती है।
(जैसे, सबको पता है कि वर्जिश (व्यायाम) करनी चाहिए, पर क्या सब करते हैं?)
✅ डर, लालच, और जल्दबाजी जैसी भावनाओं को अपने फैसलों पर हावी नहीं होने देता।
✅ सही और विश्वसनीय जानकारी का उपयोग करता हूँ, बिना बाज़ार के उतार-चढ़ाव की चिंता किए।
• मुझे पता है कि बाज़ार तो ऊपर-नीचे होता रहेगा, लेकिन मुझे स्थिर रहना है।
4. जोखिम और संतुलन:–
अपने जोखिम क्षमता और लक्ष्यों के हिसाब से निवेश करता हूँ।
पोर्टफोलियो को विविध (डाइवर्सिफाइड) और संतुलित रखता हूँ।
दोसत: तो तुम्हारे हिसाब से सफल निवेशक बनने का मंत्र क्या है?
मैं:–
1. सही सलाहकार चुनें, जो आपको और आपके टेम्परामेंट(वितीय लक्ष्यों) को समझे और आपके परिवार का भरोसेमंद हो।
2. विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखें।
3. हर स्थिति में अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहें।
दोसत: कमाल है भाई साहब! नया साल मुबारक हो।
मैं: तुम्हें भी!
और याद रखना, निवेश में अनुशासन और धैर्य सबसे बड़ा संकल्प है। (सआभार कृष्ण शर्मा के ट्विटर से)
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