क्या म्युचुअल फंड सही है?
अगर हम म्युचुअल फंड की बात करें तो मोटे मोटे तौर पर इसमें तीन तरह की स्कीमें होती हैं। डेट, इक्विटी और हाइब्रिड स्कीम्स।
पहली है डेट स्कीम्स, यह स्कीम पैसों को फिक्स्ड इनकम वाले इंस्टूमेंट यानी बांड्स, डिबेंचर्स, ट्रेजरी बिल कमर्सियल पेपर में इन्वेस्ट करती हैं। और वहां से जो भी ब्याज के रूप में इनकम होगी उसी से हमारे पैसा औसत 7 से 9% की दर से ग्रो होगा।
दूसरी है इक्विटी स्कीम्स, इस स्कीम्स में हम जो भी पैसा इन्वेस्ट करेंगे वह पैसा कुछ अच्छी कंपनियों के शेयर्स खरीद कर उनके बिजनेस में इन्वेस्ट किया जाएगा और वहां से बतौर प्रॉफिट डिविडेंड के रूप में जो भी इनकम होगी उसी से हमारा पैसा लंम्बी अवधि में औसतन 10 से 15% की दर से ग्रो होगा।
और तीसरी है हाइब्रिड टीम यह स्कीम पहली और दूसरी स्कीम का कोमबीनेशन है, एक तरह दो एसेट का मेल है। इस स्कीम में हम जो भी पैसा इन्वेस्ट करेंगे वह पैसा पहली और दूसरी दोनों स्कीमों में 65:35 या 35:65 के अनुपात में इन्वेस्ट किया जाएगा और इस स्कीम की एनुअल एवरेज ग्रोथ 9 से 12% की है।
म्यूचुअल फंड में हम दो तरह से इन्वेस्ट कर सकते हैं। जैसे अगर मैं एक लाख रूपए इन्वेस्ट करना चाहता हूं। तो मैं एक लाख को एक बार में भी इन्वेस्ट कर सकता हूं और हर महीने थोड़ा-थोड़ा किस्तों में भी इन्वेस्ट कर सकता हूं या मैं कुछ पैसा एक बार में इन्वेस्ट कर सकता हूं और कुछ पैसा किस्तों में इन्वेस्ट कर सकता हूं। यानी जैसा मुझे ठीक लगेगा।
म्यूच्यूअल फंड के जरिए हम अपने बच्चों की शादी की प्लानिंग कर सकते हैं। एजुकेशन प्लानिंग कर सकते हैं या खुद की रिटायरमेंट के लिए भी प्लानिंग कर सकते हैं या हमारा कोई ड्रीम है घर खरीदने का या कार खरीदने का।
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